गणेश चतुर्थी में जाप करें ये पौराणिक मंत्र, होगी आपकी हर मनोकामना पूर्ण

गणेश चतुर्थी पूजा 2019 (Ganesh Chaturthi Puja 2019)

Ganesh Chaturthi Puja 2019

गणेश चतुर्थी और सोमवार का शुभ योग और इसमें ये मंत्रो के जाप से आप विघ्नहर्ता श्री गणेशजी को प्रसन्न कर अपनी मनोकामना को पूर्ण कर सकते है.

इस साल Ganesh Chaturthi Puja 2 सितम्बर 2019 सोमवार  को मनाई जायेगी. गणेश चतुर्थी जिसे हम विनायक चतुर्थी भी कहते है.

Ganesh Chaturthi Puja 2019

हम आपके लिए लेकर आएं है 10 ऐसे पौराणिक मंत्र जिसे जाप करके आप विघ्नहर्ता गणेशजी को प्रसन्न कर सकते है.

Ganesh Chaturthi Puja 2019 Mantra

 

किसी भी कार्य के प्रारंभ में गणेश जी को इस मंत्र से प्रसन्न करना चाहिए:

  1. वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:।
    निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व कार्येषु सर्वदा ॥

Hindi Meaning:

हे हाथी जैसे विशालकाय, आपका तेज सूर्य की हज़ारों  किरणों के समान हैं ।

बिना विघ्न मेरा सारा कार्य पूर्ण हो और मेरे लिए सदा हीं शुभ हो ऐसी कामना करते है ।

किसी कामना को मन में रखकर ये मंत्र पढ़ने से गणेशजी पूरी करते है

  1. नमामि देवं सकलार्थदं तं सुवर्णवर्णं भुजगोपवीतम्ं।
    गजाननं भास्करमेकदन्तं लम्बोदरं वारिभावसनं च॥

मैं उन भगवान् गजानन की वन्दना करता हूँ, जो सारे कामनाओं और इच्छाओं को पूर्ण करनेवाले हैं, सोने तथा सूर्य के समान दमकते हुए  कान्ति से चमक रहे हैं, सर्पका जनेऊ धारण करते हैं, एकदन्त हैं, लम्बोदर हैं तथा कमल के आसन पर विराजमान हैं ।

  1. श्री गणेश बीज मंत्र:
    ऊँ गं गणपतये नमो नमः । 
  1. गणेश चतुर्थी के दौरान पूजा करने से पहले इस मंत्र का उच्चारण करें

आवाहये तं गणराजदेवं रक्तोत्पलाभासमशेषवन्द्दम् ।
विध्नान्तकं विध्नहरं गणेशं भजामि रौद्रं सहितं च सिद्धया ॥

जो देवताओं के गण के राजा हैं, लाल कमल के समान जिनके शरीर की आभा है,
जो सबके वन्दनीय हैं, विघ्न के काल हैं, विघ्नों को हरनेवाले हैं, शिवजी के पुत्र हैं,
उन गणेशजी का मैं सिद्धि के साथ आवाहन और भजन करता हूँ ।

 

  1. सृजन्तं पालयन्तं च संहरन्तं निजेच्छया ।
    सर्वविध्नहरं देवं मयूरेशं नमाम्यहम् ॥

जो अपनी इच्छा  से संसार का सृजन, पालन और संहार करते हैं,
उन सर्वविघ्नहारी देवता मयूरेश गणेश को मैं प्रणाम करता हूँ ।

 

  1. सर्वशक्तिमयं देवं सर्वरूपधरं विभुम् ।
    सर्वविद्याप्रवक्तारं मयूरेशं नमाम्यहम् ॥

जो सर्वशक्तिमान, सर्वरूपधारी, सारे स्थानों पे एक साथ हैं और
सम्पूर्ण विद्याओं के प्रवक्ता हैं, उन भगवान् मयूरेश गणेश को मैं प्रणाम करता हूँ ।

 

  1. पार्वतीनन्दनं शम्भोरानन्दपरिवर्धनम् ।
    भक्तानन्दकरं नित्यं मयूरेशं नमाम्यहम् ॥

जो माँ पार्वती जी और भगवान् शंकर को पुत्र रूप में आनंद  देते हैं,
उन भक्तानन्दवर्धन मयूरेश गणेश को मैं हर दिन नमस्कार करता हूँ ।

 

  1. ऊँ नमो विघ्नराजाय सर्वसौख्यप्रदायिने ।
    दुष्टारिष्टविनाशाय पराय परमात्मने ॥

सम्पूर्ण सुख  प्रदान करनेवाले सच्चिदानन्दस्वरूप विघ्नराज गणेशजी को  प्रणाम है ।
जो दुष्ट और अरिष्ट ग्रहोंका नाश करनेवाले परम  परमात्मा हैं, उन गणपति जी को प्रणाम  है ।

 

  1. त्रिलोकेश गुणातीत गुणक्षोम नमो नमः
    त्रैलोक्यपालन विभो विश्वव्यापिन् नमो नमः ॥

हे त्रिलोकों के स्वामी ! हे ब्रह्म  ! हे गुणक्षोभक ! आपको बारम्बार प्रणाम है ।
हे त्रिभुवनपालक ! हे विश्वव्यापिन् विभो ! आपको बारम्बार प्रणाम है  ।

  1. नमस्ते गणनाथाय गणानां पतये नमः ।
    भक्तिप्रियाय देवेश भक्तेभ्यः सुखदायक ॥

भक्तों को  सुख देनेवाले हे देवेश्वर,
आप भक्तिप्रिय हैं तथा गणों के अधिपति है ।
आप गणनाथ को प्रणाम  है ।

 

श्री गणेश चतुर्थी की आपको और पुरे परिवार को हार्दिक बधाई
श्री गणेशजी आपकी हर मंगल कामना पूर्ण करें
॥ॐ जय श्री गणेश॥

 

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